रामा इवेंट्स के द्वारा “Own Quote Open Mic” का शुभारम्भ

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Own Quote Open Mic @ raigarh

“चले थे हम लड़खड़ाते कदमों के साथ,
विहंगम की उड़ान मंजिल तक ले आई…”

अंततः रामा इवेंट्स ने “ओन क्योट ओपन माइक” वॉल्यूम-10 के सफल आयोजन के पश्चात विहंगम के सशक्त पंख से महत्त्वकांक्षी उड़ान भर ही लिया।
दिनांक 10 फरवरी 2019 को अपराह्न 4:00 बजे सतिगुड़ी चौक स्थित होटल साकेत में नगर के बुद्धजीवियों एवं साहित्यकारों समक्ष पूरी भव्यता के साथ रामा इवेन्ट्स के इस प्रथम साझा काव्य संकलन “विहंगम……छु लेंगे आसमां” भाग-1 का विमोचन किया गया। विहंगम में सम्मिलित सभी साहित्यकारों ने गणमान्य बुद्धजीवी गणमान्य बुद्धजीवी “श्री के. के. तिवारी जी”, “श्री शिव पांडेय जी”, “श्री हेमंत चावड़ा जी” एवं “डॉ. दिलीप गुप्ता “दिल” एवं रायगढ़ के काव्य रसिकों के समझ सादर समीक्षार्थ हेतु अपने चयनित कृतियों का पूरे उत्साह के साथ पाठ किया। सभी समीक्षकों ने “विहंगम” को बहुत सराहा एवं अन्तर्हृदय से प्रशंसा करते हुए विहंगम को रामा इवेंट्स के लिये “मील का पत्थर” कहा एवं सभी अभ्यासरत युवा साहित्यकारों के लिये “लंबी उड़ान भरने का माध्यम” बताया। सभी समीक्षकों ने “विहंगम” के उज्जवल भविष्य के लिये अपना शुभाशीष प्रदान किये।

“विहंगम……छू लेंगे आसमां” का संक्षिप्त परिचय:-
विहंगम……छू लेंगे आसमां भाग-1 रामा इवेंट्स का प्रथम साझा काव्य संकलन है। विहंगम भाग-1 जिले के 20 युवा साहित्यकारों के चयनित कविताओं को अपने पृष्ठों में संरक्षित किया हुआ है। “विहंगम” के संपादक “श्री सनत चौहान जी” हैं जिन्होंने अपने पूरे अनुभव के साथ विहंगम को मूर्तरूप दिया है।
संपादकीय में श्री चौहान जी कहते हैं कि- “विहंगम के तमाम कवि एक जुट होकर लम्बी उड़ान पर निकल पड़े हैं, यह उड़ान कहाँ जाकर थमेगी व पड़ाव डालेगी यह अभी तय नहीं है। वह चलती रहेगी अनवरत। विहंगम पुस्तक एक ऐतिहासिक सहित्य दस्तावेज के रूप में काव्य जगत में प्रतिष्ठा प्राप्त करेगी।” इन्हीं आशीष वचनों के साथ संपादक ने न केवल श्रेष्ठ संपादन किया अपितु युवा कवियों का कुशल मार्गदर्शन किया है।
विहंगम में संचयित आप सभी 20 युवा सुसाहित्यकार जिन्होंने विहंगम के पंखों को अपनी उड़ान का माध्यम बनाया है, आप क्रमशः विषय-सूची अनुसार इस प्रकार हैं:-
1. राघवेंद्र सिंह रुहेल, 2. इश्क़ शर्मा प्यार से, 3. खत्री बिहारी लाल “बेचैन”, 4. तेज राम नायक, 5. प्रकाश गुप्ता “हमसफर”, 6. धर्मेन्द्र कुमार साहू, 7. अनुपम कुमार, 8. चन्द्रभान पटेल, 9. जयंत पटेल, 10. लोकेश गुप्ता, 11. आकाश प्रफुल्ल बारीक “बादल”, 12. प्रशांत शर्मा, 13. कवि सुनील जोल्हे, 14. नरेंद्र गुप्ता, 15. प्रकाश दास मानिकपुरी, 16. आयुष डनसेना, 17. दाता राम नायक, 18. शुभम त्रिपाठी, 19. संतोष कुमार पैंकरा, 20. डॉ. दिलीप गुप्ता “दिल”।
” एविन्सेपुब पब्लिशिंग” द्वारा छपी 102 पृष्ठ के इस साझा काव्य संकलन के प्रायोजक हैं:- “रामा टूर एंड ट्रेवल्स, नेक्स्ट जनरेशन कंप्यूटर एंड अबेकस एजुकेशन और गंगा सेवक ज्वालाप्रसाद स्टेशनरी मास्टर।” रामा इवेंट्स के संयोजक हैं इश्क़ शर्मा प्यार से एवं अध्यक्ष हैं राघवेन्द्र सिंह रुहेल।
“साहित्य के प्रति रुचि रखने वाले एवं रुचि नही रखने वाले, दोनों वर्गों के युवाओं को यह पुस्तक अवश्य पढ़नी चाहिए। यह पुस्तक एकजुटता को परिभाषित करती है एवं इसके पाठ्य सामग्री विभिन्न प्रकार के विधा एवं भावनाओं को शब्दांकित करते हैं। निःसंदेह भविष्य में “विहंगम” सांस्कृतिक नगरी रायगढ़ का एक अनमोल धरोहर सिद्ध होगा। इसका भविष्य बहुत ही उज्जवल है।”

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