रायगढ़ में पहली बार 12 आरोपियों को हुई उम्रकैद की सजा- पढ़ें पूरी खबर

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खरसिया में हुए कपड़ा व्यापारी अर्जून रोहड़ा के हत्या के मामले में 30 जनवरी 2019 को कोर्ट ने 12 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।रायगढ़ जिले के इतिहास में इसे अब तक का सबसे बड़ा फैसला कहा जा सकता है। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश आदित्य जोशी की न्यायालय ने यह अहम फैसला सुनाया है। यह घटना 27 सितंबर 2017 को हुए हत्या की है जिसमें आरोपियों ने कपड़ा व्यापारी अर्जून रोहड़ा से काफी मारपीट की थी जिसके बाद उसकी मौत हो गई। आरोपियों के नाम विद्यानंद राठौर, राजेश राठौर, रामभगत राठौर, द्रोण राठौर, युगांश राठौर, राजेश कुर्रे, राजकुमार सिदार, युधिष्ठिर राठौर, भोला निषाद, गोपाल निषाद, विक्की सिंह व प्रशांत राठौर है।

घटना के बाद खरसिया पुलिस ने आरोपी विद्यानंद राठौर, राजेश राठौर, रामभगत राठौर, द्रोण राठौर, युगांश राठौर, राजेश कुर्रे, राजकुमार सिदार, युदधिष्ठिर राठौर, भोला निषाद, गोपाल निषाद, विक्की सिंह व प्रशांत राठौर के विरुध्द पुलिस ने 458, 147, 148,294,506बी,302/149 के तहत मामला दर्ज किया था।

पुलिस के अनुसार पूरा मामला इस प्रकार है कि मृतक अर्जुन रोहडा़ की कपडे़ की दुकान खरसिया मंगल बाजार में है जहां से सापिया निवासी विद्यानंद राठौर ने एक पेंट व शर्ट खरीदी उसी शाम 6.30 बजे के लगभग वह कपडा़ पंसद नहीं है कह कर शर्ट वापस कर पैसे मांगा जिस पर अर्जुन ने खरीदा हुआ सामान के बदले पैसे वापस नहीं होगें दूसरे कपडे़ पंसद कर लो कहा जिस पर विद्यानंद नराज हो गया और अश्लील गाली गलौज करते हुये मुझे नहीं जानते हो अभी तुमको बताता हूं की धमकी देने लगा और फोन कर अपने आठ दस साथियों को बुला लिया जो लाठी डंडे से लैस थे सभी दुकान में घुस गये और काउंटर पर चढ़ कर अर्जुन को लात घुसों जूता डंडे से मारने लगे दुकान का एल ई डी टी व्ही कुर्सी आदि को भी तोड़ फोड़ दिये जिसकी रिपोर्ट स्वयं अर्जुन ने थाने में दर्ज करायी उसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गयी। पुलिस ने मामला खरसिया में प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट की आदालत में पेश किया जहां से उपार्पण के पश्चात पंचम अपर सत्र न्यायाधीश आदित्य जोशी के न्यायालय में विचारण के लिये आया जिसमें 11 गवाहों के प्रतिपरिक्षण के पश्चात विद्वान न्यायाधीश सभी अभियुक्तों का दोष सिद्ध पाया आभियोजन ने भी केस में सुप्रिम कोर्ट व हाईकोर्ट के अनेक जंजमेंट की कापी पेश कर आकाट्य तर्क पेश किये जिस पर आदालत ने भादवि की धारा 302 में सभी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुना दी। इस मामले में एक अपचारी बालक भी शामिल हैं जिसका फैसला किशोर न्यायालय में होगा जहां उसके खिलाफ मामला लंबित हैं आरोपियों व्दारा विचारण के दौरान कैद में जो अवधी बितायी हैं वह समायोजित की जायेगी । मृतक अर्जुन के परिवार को क्षतिपूर्ति दिये जाने की अनुशंसा की गयी हैं आभियोजन की और से अपर लोक अभियोजक अनिल श्रीवास्तव ने पैरवी की । फैसले के बाद आदालत से बाहर निकलते ही सभी अभियुक्तों को कड़ी सुरक्षा में ले लिया गया और एक लारी दो बुलेरों व दर्जनों बाईक के रक्षा घेरे में जेल पहुंचाया गया।

 

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