सरकारी स्कूलों में 1998 से नहीं भरे खाली पद, प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में स्वीकृत नहीं है पद

0

Today News In Raigarh

स्कूलों में न मैदान न ही बच्चों के लिए खेल सामाग्री–

रायगढ़ : सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में कैम्पेन चला रही है, लेकिन सरकारी स्कूलों में खेल बजट बुनियादी सुविधाओं का आभाव है | स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिले में संचालित 3049 स्कूलों में अध्ययनरत छात्रा छात्राओं में क्रीडा शुक्ल तो वसूलती है, लेकिन ज्यादातर स्कूलों में न तो खेल मैदान हैं न ही खेलने के लिए सामाग्री | स्कूल में खेल प्रतिभाओं को निखारने की योजना हकीकत में नहीं है, स्थिति यह है कि एक भी प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में खेल शिक्षक का पद स्वीकृत नहीं है, जबकि हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में खेल शिक्षकों के 50 फीसदी पद खाली पड़े हुए है ऐसे में कैसे खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और कैसे स्कूलों में अच्छे खिलाडी तैयार होंगे | इस सवाल का शिक्षा विभाग के अधिकारीयों के पास कोई जवाब नहीं है | शिक्षा अधिकारीयों का कहना है कि पंचायत और प्रशासन के सहयोग से विद्यालियों में खेल मैदान व अन्य सुविधायें जुटाने प्रयास किये जा रहें है |

सभी सरकारी स्कूलों में खेल मैदान शारीरिक शिक्षक एवं खेल सामाग्री उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किये जा रहें है | जिले में सभी संस्था प्रधानों से खेल मैदानों पर हो रहें अतिक्रमण की जानकारी मंगाई गई है |

अतिक्रमण से मुक्त नही करा पाता विभाग–

शिक्षा विभाग द्वारा खेल मैदान को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए हर साल योजनाए बनाई जाती है, लेकिन बात अमल पर अटकी हुई है अव्यवस्थाओं के चलते स्कूली बच्चों की खेलने की इच्छा अधूरी रह जाती है | खेलने के लिए तरसते बच्चों को देखकर स्थानीय अभिभावक शिक्षा विभाग से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारीयों से कई बार गुहार लगा चुके है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी संजीदा नहीं है |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here